ग्राफिक डिज़ाइनबी.डेस.एम.डेस.

  • image description
    ,
  • image description
    ,
  • image description
    ,
  • image description
    ,
  • image description
    ,

ग्राफिक डिज़ाइनर्स के काम करने के तरीकों में नाटकीय बदलाव देखा गया है | तकनीकी उन्नति की वजह से संचार व्यवस्था में होते तीव्र परिवर्तन ने ग्राफिक डिज़ाइन की सम्पूर्ण समझ को पहले से कहीं ज्यादा ज़रूरी बना दिया है | यह कार्यक्रम छात्रों को इस सन्दर्भ में हर तरह की चुनौती का सामना करना सिखाता है गौरतलब है कि पारंपरिक कौशल अब पहले से ज्यादा ज़रूरी हो गया है | उपयोगकर्ताओं की ज़रूरतों के अनुसार रचनात्मक और उत्तम समाधान सुझाना एक ग्राफिक डिज़ाइनर की विशेषता है | ड्राइंग के ज़रिये एक छविकोश बनाना, सौन्दर्यात्मक निर्णय का विकास, फॉर्म का महत्त्व, प्रोपोर्शन, छवि और लेखन का महत्व समझना आदि एनआईडी में ग्राफिक डिज़ाइन की शिक्षा का मुख्य भाग है | अपने शिक्षाकाल के दौरान, ग्राफिक डिज़ाइन के छात्रों को कई तरह के परियोजनाओं पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है | टाइपोग्राफी और टाइप डिज़ाइन, पब्लिकेशन डिज़ाइन, इमेज मेकिंग, इलस्ट्रेशन, फोटोग्राफी, पैकेजिंग, प्रिंट डिज़ाइन, कॉर्पोरेट आइडेंटिटी, ब्रांडिंग, इनफार्मेशन और कम्युनिकेशन सिस्टम आदि डिज़ाइन क्षेत्रों में मुख्य रूप से छात्र प्रोजेक्ट करते हैं | कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपूर्ण करने के बाद छात्र कई प्रमुख ग्राफिक डिज़ाइन फर्म्स और कॉर्पोरेट संस्थाओं में रोज़गार पाते हैं | बहुत से छात्र खुद के उद्योग और डिज़ाइन स्टूडियो भी शुरू करते हैं | एक ग्राफिक डिज़ाइन छात्र के पास डिज़ाइन की सम्पूर्ण सैद्धान्तिक और व्यवहारिक समझ के अलावा डिज़ाइन के सन्दर्भ में सांस्कृतिक और इतिहासिक ज्ञान और सामाजिक और नैतिक समझ का होना भी ज़रूरी है | इस शिक्षा का मुख्य उद्देश्य यह है कि छात्रों में स्वतन्त्र रूप से आलोचनात्मक और विचारक निर्णय लेने की क्षमता का विकास हो, शोधकार्य करने की कुशलता और रचनात्मक सोच का निर्माण हो और अंत में वे पेशेवर डिज़ाइनर के रूप में उभर कर आयें |

© 2016 NATIONAL INSTITUTE OF DESIGN