ऐनीमेशन फिल्म डिज़ाइनबी.डेस.M.Des.

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भारतीय ऐनीमेशन उद्योग ने अब मूल विचारों की तरफ एक उदार रवय्या अपना लिया है जिससे हम वैश्विक स्तर पर अपनी अनोखी पहचान बना सकें | इसके लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन की बहुत ज़रुरत है जो ऐनीमेशन, कथा वाचन और विचार-परामर्श में योगदान कर सकें | एन. आई. डी. के ऐनीमेशन संकाय ने, अपने आरम्भ से ही दोनों स्थानीय और वैश्विक सन्दर्भ में अनोखे विचारों का परिपालन किया है | छात्र ऐनीमेशन के माध्यम से संचार डिज़ाइन के सभी क्षेत्रों में जटिल समस्याओं का समाधान कर सकें, यही इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है | पहले सेमेस्टर की शुरुआत में छात्र डिज़ाइन के बुनियादी गुर सीखते हैं | उन्हें ऐसे विषय सिखाये जाते हैं जिससे उनकी डिज़ाइन की समझ बढ़े और जिसके बाद वे ऐनीमेशन से सम्बद्ध विषयों को और सामाजिक व सांस्कृतिक सन्दर्भ में संचार को बेहतर समझ सकें | आगे के सेमेस्टरों में, छात्र कई तरह के प्रोजेक्ट और कार्यशालाओं के ज़रिये 2डी, 3डी, क्ले, मिक्स्ड मीडिया, पिक्सिलेशन, एक्सपेरिमेंटल, ग्राफ़िक नैरेटिव्स आदि माध्यमों के साथ प्रयोग करते हैं और अपनी ऐनीमेशन कथाओं को विविध तरीकों से कहने में सक्षम बनते हैं | इसके साथ ही छात्रों को प्रायोगिक शिक्षा, अंतर्विभागीय कैंपस जीवन, एन. आई. डी. फ़िल्म क्लब, कार्य विश्लेषण, फील्ड ट्रिप्स आदि संवादात्मक आयोजन हमेशा बहुमूल्य अनुभव प्रदान करते हैं | यहाँ के गतिशील पाठ्यक्रम के फलस्वरूप छात्र नवीन और अनूठे परिणामों को अंजाम देते हैं जिन्हें अक्सर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार और मान्यताएँ मिलती हैं | ऐनीमेशन विभाग की एक और खासियत है द्विवार्षिक अंतर्राष्ट्रीय ऐनीमेशन उत्सव: चित्रकथा, जिसमे ऐनीमेशन के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ सम्मिलित होते हैं और छात्रों से संवाद करते हैं | इस कार्यक्रम के स्नातक छात्र आगे जाकर चैनल वी, एम.टी.वी., निकलोडियन, कार्टून नेटवर्क, टाटा इंटरैक्टिव, इनफ़ोसिस, कॉग्निजेंट जैसी संस्थाओं में एनिमेटर, करैक्टर डिज़ाइनर, स्टोरी बोर्ड आर्टिस्ट, क्रिएटिव डायरेक्टर, प्रोडूसर, कंसलटेंट आदि के रूप में लाभप्रद रोज़गार पाते हैं | कई छात्र खुद के उद्योग शुरू करते हैं या एन. आई, डी, सहित नामी शिक्षा संस्थानों में शिक्षक बनते हैं |

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