National Institute of Design Act

संसद के अधिनियम द्वारा राष्ट्रीय ड़िजाइन संस्थान, भारत के प्रमुख और पहली ड़िजाइन संस्थान ड़िजाइन अधिनियम के तहत राष्ट्रीय महत्व की संस्था घोषित किया गया है।

श्रीमती निर्मला सीताराम वाणीज्य एवं उद्योग के लिए माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और वित्य एवं कॉरपोरेट मामलों के लिए राज्य मंत्री ने संसद में एनआईडी विधेयक रखा।

इस विधेयक के द्वारा राष्ट्रीय ड़िजाइन संस्था, अहमदाबाद। राष्ट्रीय महत्व की संस्थान होने के साथ ड़िजाइन से संबंधित सभी विषयों में शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण में गुणवत्ता और उत्कष्टता को बढ़ावा देने के लिए 09 जुलाई 2014 को सर्वसम्मति से विधेयक पारित किया गया। सोमवार जुलाई 2014 को, इससे पहले विधेयक सर्वसम्मति से राज्यसभा द्वारा पारित किया गया था।

नव निर्वाचित राज्य सरकार द्वारा पारित किया जाने वाला यह पहला विधेयक है, जो तीन दिनों की छोटी सी अवधि में संसाधित किया गया।

माननीय राष्ट्रपति द्वारा 17 जुलाई 2014 को एनआईडी को एक राष्ट्रीय महत्व की संस्थान घोषित करने के लिए राष्ट्रीय ड़िजाइन विधेयक पर सहमति दे दी गयी जो 18 जुलाई 2014 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित हुआ।

विचार विमर्श के दौरान दोनों सदनों में माननीय सदस्यों द्वारा संस्थान की गतिविधियों को अत्यधिक सराहा गया और सर्वसम्मति से विधेयक पारित हुआ। इस विधेयक के पारित होने के साथ एनआईडी डिग्री ओर पीएचडी देने के लिए अधिकृत है। अब तक 40 संस्थान राष्ट्रीय महत्व की संस्था घोषित किए जा चुके हैं। एनआईडी उनमें 41 संस्थान है।

एनआईडी के शुभचिंतकों द्वारा कुछ संदेश –

प्रोफेसर मार्क हट,बीए (ऑनर्स), एमए एफआरएसए, उप-कुलपति, युनिवर्सिटी ऑफ दी क्रियेटिव आर्टस, फॉन्हम, युके – मुझे यह सुनकर बेहद खुशी हुई कि एनआईडी को राष्ट्रीय महत्व की संस्थान घोषित किया गया है, यह बहुत अच्छी सूचना है। एनआईडी के सभी लोगों को शुभकामनाएँ।

डॉ. सारा डॉयमंड, प्रेसिडेंट एण्ड वाईस चांसलर, ओसीएडी युनिवर्सिटी, टोरंटो, कनाडा – एनआईडी को इस अदभुत सफलता के लिए ढ़ेर सारी बधाईयां। ओसीएडी युनिवर्सिटी डॉ. बोविस कनोसेंन के द्वारा शुरू किए गये हमारे बीच सहयोग को लेकर काफी उत्साहित है। हमारे बीच मैं संकाय के आदान-प्रदान और अनुसंधान के लिए तत्पर हूँ।

प्रोफेसर क्लिफ एलन, वाईस-चांसलर, बर्मिघम शहर, विश्वविध्यालय, ब्रिटेन – यह जानकर बहुत खुशी हो रही है। सभी को मेरी तरफ से ढ़ेरों बधाईयां। राष्ट्रीय डिज़ाइन संस्थान इस मान्यता के लिए सही मायने में योग्य हैं। मैं भी आने वाले वर्षों में हमारे संबंधों को मजबूत बनाने के लिए तत्पर हूँ।

प्रोफेसर टाडाशी ताकाहाशी, टेक्सटाइल ड़िजाइन, टामा आर्ट युनिवर्सिटी, जापान – यह आपकी शानदार उपलब्धि है। ढ़ेर सारी बधाई ।

श्रीमती इलोश जज आहलूवालिया, एनआईडी शासी परिषद सदस्य – यह एक तरह की अविश्वसनीय खबर है। मैं इस संस्था से जुडें होने से बहुत गर्वान्वित महसूस कर रही हूँ वो भी खास इस समय जब हमने एक एतिहासिक पल को साक्षी रहें हैं।

आशिष देशपांडे, निदेशक, प्रोडक्ट एवं रिटेल इनोवेशन, एलीफेंट डिज़ाइन प्राइवेट लिमिटेड इंडिया - राष्ट्रीय महत्व की संस्था की उपाधि पर एनआईडी बड़े पैमाले पर अधिकार रखता है। और यह पल जिसका इंतजार बहुत समय से किया गया, सम्पूर्ण ड़िजाइन समुदाय जो इससे जुड़े हुए हैं, उनके द्वारा सराहा और पोषा जायेगा।

इस मान्यता के लिए एनआईडी उन दूरदर्शी लोगों और साथियों को शुक्रिया अदा करता है जिनके कई सालों के अथक परिश्रम से यह संभव हो सका है। मजबूत और प्रासंगिक सोच, प्रक्रिया और विचारधारा पर बनाया गया एक उत्कृष्ट समकालीन संस्था एक नयी मजबूत आधारशिला के साथ सम्भव हो सका। हमारी हार्दिक शुभकामनाएँ आप और आपकी टीम के लिए और मान्यता के इस नये युग में आगे बढ़ने की कामना करता हूँ।


National Institute of Design Bill

Director's message on this occasion

Celebrations at NID, Main Campus, Ahmedabad

Celebrations at NID, PG Campus, Gandhinagar

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